Thursday, November 29, 2007

फजल इमाम मल्लिक


फजल इमाम मल्लिक

1 comment:

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ said...

बहुत खूब। आपका काम लाजवाब है। मैं भी एक छोटा-मोटा रचनाकार हूं। क्या आपके कलेक्शन में मुझ नाचीज को चित्र भी शामिल हो सकता है?
मेरे ब्लाग का पता है- http://alizakir.blogspot.com